लगाया जा सकता है कि यहां के अधिकतर लोग खाने की जगह जानवरों और इंसानों को मार कर खाते हैं, इतना ही नहीं, लकड़ी की गाड़ियां बनाकर लोग इससे आते-जाते हैं, दिलचस्प है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की जीडीपी 17712 रुपये ही है, जीडीपी का आशय यहां के लोगों द्वारा हर साल खर्च किये जानी धनराशि से है, करीब 60 लाख जनसंख्या वाला ये देश आदिवासियों के मेले के लिए भी जाना जाता है, साथ ही इसे महिलाओं के लिए भी दुनिया का सबसे असुरक्षित देश बताया जाता है...
Wednesday, 9 May 2012
यहां चलती है लकड़ी की गाड़ियां, खाते हैं जिंदा इंसान ?
लगाया जा सकता है कि यहां के अधिकतर लोग खाने की जगह जानवरों और इंसानों को मार कर खाते हैं, इतना ही नहीं, लकड़ी की गाड़ियां बनाकर लोग इससे आते-जाते हैं, दिलचस्प है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की जीडीपी 17712 रुपये ही है, जीडीपी का आशय यहां के लोगों द्वारा हर साल खर्च किये जानी धनराशि से है, करीब 60 लाख जनसंख्या वाला ये देश आदिवासियों के मेले के लिए भी जाना जाता है, साथ ही इसे महिलाओं के लिए भी दुनिया का सबसे असुरक्षित देश बताया जाता है...
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