शिया के साथ सैफ़ी भी हुए खुलकर संघ के नुमाइंदे, पहले ही सैफ़ी नाम हमेशा सुर्खियों मैं रहा है, ये नाम चार सौ साल पुराना नाम है जिसको अनजाने मैं शेख कही जाने वाली बिरादरी ने 1975 मैं अपने वजूद और इतिहास को भुलाकर अपनाया, जबकि ये नाम चार सौ साल पुराना नाम है, नाम के असरात इंसान की ज़िंदगी पर नज़र आते हैं ये एक बार फिर से साबित हो चुका है, सैफ़ी नाम बोहरा समाज के लोगों का चार सौ साल पुराना नाम है, जिन्होंने सैफ़ी मस्जिदें, सैफ़ी अस्पताल और सैफ़ी कालोनियों के साथ चार सौ साल मैं ना जाने क्या क्या बनाया है, चलिए निगाह डालते हैं आज और कल के सैफ़ी नाम के हालात पर, उससे पहले आजतक की रिपोर्ट के अनुसार अशफ़ाक
Tuesday, 13 July 2021
Friday, 9 July 2021
मानों ना मानों ख़बरों की सच्चाई को तहस नहस करना वाला प्लेटफॉर्म भी सोशल मीडिया ही है...?
एक ज़माना था जब पत्रकारिता या अपना ही मज़ा हुआ करता था, तब ख़बरों के लिए पाठकों मैं ही नहीं बल्कि पत्रकारों मैं भी एक ज़बरदस्त होड़ लगा करती थी ख़बर सबसे अच्छी मेरी ख़बर हो और लोग ख़बरों की सच्चाई से ही पत्रकार की सच्चाई और ईमानदारी का अंदाज़ा लगाया करते थे, साथ ही कुछ ऐसे चाटूकार पत्रकार भी हुआ करते थे, जो अपने अख़बार मैं किसी नेता, विधायक, मंत्री या अधिकारी की ख़बर के छप जाने पर ख़ुद अपना अख़बार हाथ मैं लेकर उसको बताने और दिखाने ख़ुद जाया करते थे, ऐसे पत्रकारों को चापलूस कहा जाता था.
कुछ पत्रकार ऐसे भी थे जो किसी नेता या बड़े अधिकारी की
Monday, 5 July 2021
इतिहास के 10 सबसे क्रूर तानाशाहों के बारे मैं...?
"एस एम फ़रीद भारतीय"
तानाशाही सत्ता में बने रहने के लिए बल का प्रयोग और राजनीतिक विरोधियों का व्यवस्थित तरीके से उत्पीड़न, प्राचीन रोमन सभ्यता से ही चले आ रहे हैं, लेकिन, आधुनिक इतिहास के तानाशाहों ने इसे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और क्रूरता का पर्याय बना दिया, वहीं मानव इतिहास के कुछ सबसे अधिक क्रूर तानाशाहों को सत्ता संभाले बहुत अधिक समय नहीं हुआ है, इस लेख में जानिए इतिहास के 10 सबसे ज्यादा निर्मम और क्रूर तानाशाहों के बारे में.जब तानाशाही की बात होती है तब, सबसे पहले दिमाग में
Sunday, 30 May 2021
सुप्रीम कोर्ट बस फटकार लगाते रहो मौतें होती रहेंगी...?
सम्पादकीय
एस एम फ़रीद भारतीय
एनबीटीवी इंडिया डॉट इन
मई 2011 को भूखमरी के कारण होने वाली मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश के सर्वाधिक पिछड़े हुए 150 जिलों के लिए अतिरिक्त 50 लाख टन खाद्यान्न आवंटित करने का आदेश दिया। यह आवंटन न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति की निगरानी में किया जाएगा.
न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा
अपनी बदहाली पर नसीब को कौसने वाले मुस्लिमों के लिए एक सबक़...?
"एस एम फ़रीद भारतीय"
लन्दन में एक भारतीय मुसलमान था जो कारपेन्टर का काम करता था, किसी यहूदी ने उस भारतीय कारपेन्टर से अपने घर को डेकोरेट करवाने और फ़र्नीचर का काम कराने का मामला तय किया। यहूदी आदमी ने कारपेन्टर से कहा कि अगले महीने की 4 तारीख को हमारे घर में एक पार्टी है उससे पहले यह सारा काम फ़ाइनल हो जाना चाहिए, मुस्लिम कारपेन्टर ने कहा की अगले महीने की 4 तारीख को नही बल्कि इसी महीने की 20 तारीख को में काम फ़ाइनल कर दूंगा आप का। लेकिन ऐसा हुआ की 20 तारीख भी निकल गई और काम फाइनल नही हुआ, और अगले महीने की 4 तारीख भी आ गई फिर भी काम फ़ाइनल नही हुआ और वह यहूदी बार बार याद दिलाता रहता था यहां तक कि पार्टी की Friday, 28 May 2021
मुस्लिम को नहीं क़ुरआन और नबी को देखो, नबी की ज़िंदगी और आपका ख़ानदान एक नज़र...?
"एस एम फ़रीद भारतीय"
अगर आपको एक मुसलमान की ज़िन्दगी क्या होती है देखनी है तो अल्लाह के आख़िरी पैगम्बर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की जीवनी (ज़िन्दगी) से अच्छी मिसाल दुनिया में कोई नही है, आज हम आपको आपके जीवन का एक संक्षिप्त परिचय करायेंंगे।हसब-नसब (वंश – पिता की तरफ़ से)
मुह्म्मदुर्रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बिन (1) अब्दुल्लाह बिन
Thursday, 13 May 2021
इज़रायल-फिलिस्तीन फ़साद की वजह क्या है...?
"एस एम फ़रीद भारतीय"
इजरायल के येरुसलम में बनी अल अक्सा मस्जिद दुनिया के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शुमार है तो यह मस्जिद दुनिया के सबसे बड़े विवाद के कारण फिलिस्तीन और इजरायल के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष की वजह भी है।असल में कभी कभी दया , नेकी , इंसानियत , मदद और हमदर्दी , इसके करने वाले के लिए ही काल बन जाती है। फिलिस्तीनी आज उसी काल से जूझ रहे हैं।
जर्मनी में हिटलर के जनसंहार के आतंक से जब यहूदी
Saturday, 8 May 2021
Tuesday, 4 May 2021
चुनाव जीत लिया अब होगा असल इम्तिहान शुरू...?
एस एम फ़रीद भारतीय
विधायक, प्रधान और पंचायत चुनाव जीतने और इनके अगल बगल रहने वाले मुस्लमानों सुन लो, समझ लो, जो अब हासिल की है जीत वो नहीं, असल मैं मुश्किल मंज़िल तो अब शुरू हुई है, ये इम्तिहान मैं दाख़िला मिला है, यहीं से असल इम्तिहान शुरू होगा...?देश की सरकार ने ये पद क्यूं शुरू किये हैं ये पद बिना मुनाफ़े के पद है, ये बड़ी ज़िम्मेदारी से निगरानी रखने वाले पद हैं, सरकार को जब लगा कि देश और राज्य की सरकारें
Saturday, 1 May 2021
इस्लाम के ख़िलाफ़ यहूदी साज़िश क्यूं कामयाब...?
अस्सलामु अलेयकुम वारहमत्तुल्लाहि वाबरकातेहु,
शुरू अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, रहम करने वाला है.
एस एम फ़रीद भारतीय
दोस्तों एक सवाल किया था.
बताओ दुआऐं बे असर क्यूं, क्यूं आज हजरत निज़ामुद्दीन रअ, साबिर साहब रअ, बाबा फ़रीद रअ जैसे ओलिया ए कराम पैदा नहीं होते, लेख मैं दी गई सहीह हदीसों को ग़ैर से पढ़ना और समझने की कोशिश ही नहीं अमल भी करना हर मोमिन के
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गाज़ा में पत्रकार भूख से मर रहे हैं- अल जज़ीरा...?
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नेशनल न्यूज़ 24 नेटवर्क इंदौर-अकोला निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक ग्राम टाकलखेड़ा रेलवे स्टेशन के पास धंस गया, एक घंटे पहले ही ट्रैक ...