Sunday, 22 January 2017

जिसका कोई नहीं उसकी रालोद है यारो, चुनावी नैया में सबसे ज्यादा बागी सवार.

बुलंदशहर- चुनावी रण में उतरने के लिए रालोद को बागियों का सहारा मिल गया है, रालोद ने जिले की पांच सीटों बुलंदशहर, सिकंदराबाद, स्याना, शिकारपुर और अनूपशहर पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। ये सभी कांग्रेस, भाजपा, सपा से मात खाए प्रत्याशी हैं, ये बात और है कि

Friday, 20 January 2017

गठबंधन क्यूं बना है लठबंधन, सपा-कांग्रेस

एस एम फ़रीद भारतीय
ये चुनौतियां हैं इस वक्त कांग्रेस और सपा के सामने, जो बीजेपी ने उन्हें दी हैं, इनको बचाने का रास्ता इनके पास है, गठबंधन इसकी ख्वाहिश तो दोनों पार्टियों में है और संभवत: ये हो भी जाएगा, पर प्रदेश में तीन ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जो गठबंधन को

Sunday, 15 January 2017

हमारे एक वोट की कीमत पांच साल का विकास या विनाश...?

"एस एम फ़रीद भारतीय"
क्या कभी सोचा है कि हमारी सरकार जिसे हम खुद चुनते हैं, एक बेहतरीन लोकतान्त्रिक प्रणाली के आधार पर, जब हम अपनों में से ही अपना एक नेता बनाते हैं, अपने पूरे भरोसे के साथ, पर ऐसा क्यों होता है की वो हमारा भरोसा तो जीत नहीं पाते पर चुनाव हर बार

Tuesday, 10 January 2017

मुस्लिम लीग की स्थापना कब ओर क्यूं...?

बंगाल के विभाजन ने सांप्रदायिक विभाजन को भी जन्म दे दिया| 30 दिसंबर,1906 को ढाका के नवाब आगा खां और नवाब मोहसिन-उल-मुल्क  के नेतृत्व में भारतीय मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा के लिए मुस्लिम लीग का गठन किया गया| प्रारंभ में इसे ब्रिटिशों द्वारा काफी सहयोग मिला लेकिन जब इसने स्व-शासन के विचार को अपना लिया,तो ब्रिटिशों से मिलने वाला

Wednesday, 4 January 2017

शत्रु संम्पत्ति, क्यूं बार बार एक ही लकीर को पीट रही हैं सरकारें

"एस एम फ़रीद भारतीय"
केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश के रास्ते लाए गए शत्रु संपत्ति (संशोधन) विधेयक 2016 को लोकसभा से हरी झंडी मिल गई है. इसमें प्रावधान है कि भारत सरकार विभाजन के समय या 1962, 1965 और 1971 युद्ध के बाद चीन या पाकिस्तान पलायन करके वहां की नागरिकता

Sunday, 11 December 2016

आज मानव अधिकार दिवस, नोट बंदी ने सब कुछ भुला दिया...?


एस एम फ़रीद भारतीय
मानव अधिकार दिवस हर साल 10 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है, वर्ष 1948 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर को हर साल इसे मनाये जाने की घोषणा की गयी थी, इसे सार्वभौमिक मानव अधिकार घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा

Saturday, 10 December 2016

मेरे मन की बात, शर्म भी शरमा जाये, बजाओ ताली...?

एस एम फ़रीद भारतीय
पिछले महीने से जो कुछ देश मैं हो रहा है या सुनने को मिल रहा है, वो चंद चापलूसों के अलावा किसी की समझ मैं नहीं आ रहा है, रोज़ नये नये फ़रमान देश ओर देश की जनता को सुनाये जा रहे हैं, क्यूं....?
बस अपनी ना कामियों को छुपाने के लिए ओर विपक्ष

Friday, 9 December 2016

साहब ख़ुद के सीने पर हाथ रखकर कसम खा सकते हो...?

एस एम फ़रीद भारतीय,
जो काम देश के बेगुनाहों को परेशान करके लाईन मैं लगाकर किया जा रहा है ना, अगर वही काम शुरू मैं ही देश के कुछ टैक्स रूपी दलाल वकीलों के आफिस मैं छापा मारकर किया जाता तो बड़ी कामयाबी ही नहीं वाहवाही ओर सुकून

Monday, 5 December 2016

इंसाफ़ को तरसता कानून ओर बाबरी मस्जिद...?

लेखक सम्पादक
"एस एम फ़रीद भारतीय"
6 दिसम्बर 1992 दिन रविवार (इतवार) देश ओर कानून के लिए भारतीय इतिहास का सबसे काला दिन, कब क्या हुआ आपके सामने पेश कर रहा हुँ, ये सब आपके सामने पेश कर रहा हुँ, ख़ासकर उन नौजवानों के लिए जो उस वक़्त पैदा भी नहीं हुए थे, लेकिन आज देश के वोटर हैं.
बाबरी मस्जिद उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले के अयोध्या

Thursday, 1 December 2016

भारत ओर इस्लाम, कब क्या क्या...?

एस एम फ़रीद भारतीय
लोकप्रिय विश्वास के विपरीत, इस्लाम भारत में मुस्लिम आक्रमणों से पहले ही दक्षिण एशिया में आ चुका था, इस्लामी प्रभाव को सबसे पहले अरब व्यापारियों के आगमन के साथ 7वीं शताब्दी के प्रारम्भ में महसूस किया जाने लगा था.
प्राचीन काल से

गाज़ा में पत्रकार भूख से मर रहे हैं- अल जज़ीरा...?

नेशनल न्यूज़ 24 नेटवर्क इंडिया 'अपनी जान जोखिम में डालकर, अब ज़िंदा रहने की लड़ाई लड़ रहे हैं', अल जज़ीरा और एएफपी का कह...