Thursday, 11 June 2020

एक सवाल झग्गड़ क्या होता है के साथ बचपन की याद...?

"एस एम फ़रीद भारतीय"

कहानी पुरानी है मगर सौलहआना सच है, एक बड़े भाई जैसे दोस्त ने ये लेख लिखने का मौक़ा दिया है तो सोचा बहुत कुछ नहीं तो थोड़ा तो लिख ही दो दास्तान बचपन की बहुत याद हैं मगर ये दास्तान लिखने का मौक़ा एक सवाल और तस्वीर के साथ मिला है, तब कुछ यादें ताज़ा करते हैं.

पुराने ज़माने मैं पहले कुछ अमीर घरों में कुआँ होता था, जिस किसी को पानी चाहिए तो बाल्टी लीजिये और कुएं से पानी भर

Saturday, 6 June 2020

असली सैफ़ी कौन...?

सैफ़ी नाम के असल हक़दारों से एक परिचय...?

"एस एम फ़रीद भारतीय"
दाऊदी बोहरा समुदाय की विरासत फ़ातिमी इमामों से जुड़ी है, जो अपने को नबी ए करीम मुहम्मद सल्ललाहु अलेयहि वसल्लम (570-632) के असल वंशज मानते हैं, यह समुदाय मुख्य रूप से इमामों के प्रति ही अपना अक़ीदा (श्रद्धा) रखता है.

सुलेमानी जिन्हें सुन्नी बोहरा भी कहा

Friday, 24 April 2020

हमेशा एक बात याद रखना चाहिए, कि जो इंसान बोता है वही उसको काटना पड़ता है.

"सम्पादकीय"
कांग्रेस पार्टी आज के दौर में इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, जिसने अपनी धर्म की राजनीति की ख़ातिर ऐसे दरिंदों को खुला छोड़कर रखा जो इंसानी ख़ून के प्यासे हुआ करते थे, आज वही दरिंदे कांग्रेस पर वार कर रहे हैं और देश को कट्टरता की तरफ़ ले जा रहे हैं, अब जब ख़ुद पर हमला हो रहा है तब बिल बिलाकर शब्दों की मर्यादा की याद आ रही है.

याद करो जब कोबरा पोस्ट ने अपनी निडर पत्रकारिता के साथ ये पर्दाफ़ाश किया था कि देश की मीडिया को हिंदुत्व का ऐजेंडा चलाने के लिए ख़रीदा जा रहा है, तब आंखें बंद कर कौनसी सरकार बैठी

Thursday, 16 April 2020

सिपला के संस्थापक डा हमीद की जीविनी...?


सम्पादित 
"एस एम फ़रीद भारतीय"
जब सिपला ने जेनेरिक दवाओं का उत्पादन शुरू किया तो अमरीका ने उस पर पेटेंट कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया था। उस वक़्त इन्दिरा गांधी मजबूती से सिपला के साथ खड़ी थीं। आज विडम्बना यह है कि वही अमरीका अब भारत से हाड्रोक्सीक्लोरोकुईन की मांग कर रहा है। 

नेशनल हेराल्ड में प्रकाशित सुजाता आनंदन की रिपोर्ट का हिन्दी अनुवाद 
  
एक ऐसे समय में जब देश में कुछ
मीडिया समूह और भारतीय जनता पार्टी समर्थक भक्तों का एक तबका

किसी ने कहा था कभी कि इंसान को उसके लिबास से पहचाना जा सकता है...?

"एस एम फ़रीद भारतीय"
फ़ोटो में जो इंसान दिखाई दे रहा है उसको पहले ग़ौर से देखें उसके बाद पहचानने की कोशिश करें कि ये इंसान कौन हो सकता है, कोई तालिबानी, आईएसआईएस का सदस्य, या किसी ख़तरनाक गिरोह

Tuesday, 7 April 2020

भारतीय प्रेस परिषद क्या है और इसके अधिकार क्या हैं...?

भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India ; PCI) एक संविघिक स्वायत्तशासी संगठन है जो प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने व उसे बनाए रखने, जन अभिरूचि का उच्च मानक सुनिश्चित करने से और नागरिकों के अघिकारों व दायित्वों के प्रति उचित भावना उत्पन्न करने का दायित्व निबाहता है। सर्वप्रथम

Saturday, 4 April 2020

भाजपा स्थापना दिवस इत्तेफ़ाक़ नहीं ये कड़वा सच है...?

"एस एम फ़रीद भारतीय"
06 अप्रैल 1980 को भाजपा यानि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी, इस लिहाज़ से 05 अप्रैल 2020 को भाजपा स्थापना के 40 वर्ष पूरे होने की

Tuesday, 31 March 2020

कोरोना पहला केस 30 जनवरी को भारत में मिला...?

"एस एम फ़रीद भारतीय"
 जिस बात का डर था वही हो रहा है, आज निज़ामुद्दीन मरकज़ पर हल्ला काटने वाले, दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार भी जवाब दे, भारत में पहला केस कोरोना केस कब मिला...?

सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 30 जनवरी को भारत में पहला कोरोना का मामला मिला, उस वक़्त सरकार किसकी थी, उस वक़्त की सरकार ने इस मामले की गंभीरता को नज़रांदाज़ क्यों किया, साथ ही चुनाव आयोग भी इस महामारी को लेकर गंभीर नज़र नहीं आया और आयोग ने भी घोषणा कर दी कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव 8 फरवरी को वोटिंग और 11 फ़रवरी को वोटों की गिनती के बाद नतीजे...?


आपको याद दिला दे कि 30 जनवरी को पीटीआई समाचार ऐजेंसी ने केरल के लोकल अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि पिछले कुछ दिनों में चीन से लौटे कम-से-कम 436 लोगों की निगरानी की जा रही है, अधिकारियों ने बताया कि अब तक जितने भी लोगों के ख़ून के नमूने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी भेजे गए थे उनमें किसी का भी नमूना पॉज़िटिव नहीं पाया गया है.

तब केन्द्र सरकार ने अपने सांसद और मंत्रियों को दिल्ली चुनाव मैदान में उतार दिया वहीं शाहीनबाग को लेकर मुस्लिमों पर निशाना भी साधा गया, सबको मालूम है किस नेता ने तब क्या कहा और नतीजों से हड़बड़ाई भाजपा के कुछ नेताओं ने दिल्ली में नफ़रत के बीज बोकर दिल्ली को दंगे की आग में झोंक दिया, नतीजा सबके मालूम है.

साथ ही बात करते हैं 28 जनवरी की, तब भारत में लगभग 450 लोगों को कोरोना की निगरानी में रखने की बात की जा रही थी, उस वक्त सरकार ने ये भी दावा किया था कि सबसे ज्यादा लोग केरल में हैं, और 30 जनवरी को भारत सरकार ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि चीन के वुहान विश्वविद्यालय से आए एक छात्र में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं....?

मगर सरकार से जुड़े मंत्रियों, सांसदों और भाजपा शासित राज्यों के नेताओं ने अपने को दिल्ली चुनाव में लगा दिया, केन्द्र की इस लापरवाही नतीजा आज पूरे देश को झेलना पड़ रहा है वहीं दलाल और गोदी मीडिया इस महामारी को भी हिंदू मुस्लिम करने में लगी है.

 जब मुसलमान लॉक डाउन के दूसरे ही दिन निज़ामुद्दीन मरकज़ में रह जाते है तो दलाल न्यूज़ वाले चिल्लाते है,  निज़ामुद्दीन मरकज़ में 1500 लोग छिपे हैं, और जब वैष्णो देवी में लॉक डाउन के बाद लोग रह जाते हैं, तो ये दलाल लिखते और बोलते हैं कि 1500 लोग वैष्णो देवी में फसे हैं, है ना कमाल की बात...?

मत भूलो देश भी एकता के साथ खड़ा होगा तब तुमको देश में हुई बर्बादी का सबक सिखाया जायेगा, मरकज़ वालों को कोरोना कहां से आया या मिला जवाब मिल गया होगा, और ये भी मत भूलना मरकज़ में आज मिले हैं और देश में....?

Friday, 27 March 2020

आसमानी आफ़त को बस आसमान वाला ही टाल सकता है...?

"एस एम फ़रीद भारतीय"
हारून रशीद के दौर में एक बहुत बड़ा कहद पड़ गया, इस कहद के असरात समरकन्द से लेकर बग़दाद तक और कूफ़ा से लेकर मराकीज़ तक ज़ाहिर होने लगे, हारून रशीद ने कहद को निपटने के लिए तमाम तदबीरें अपना ली गल्ले के गोदाम

गाज़ा में पत्रकार भूख से मर रहे हैं- अल जज़ीरा...?

नेशनल न्यूज़ 24 नेटवर्क इंडिया 'अपनी जान जोखिम में डालकर, अब ज़िंदा रहने की लड़ाई लड़ रहे हैं', अल जज़ीरा और एएफपी का कह...