दोस्तों कल तक मैं भी बहुत हैरान था अरविन्द जी के फैसले से इसी लिए कल ज़ियादा कुछ नहीं लिखा और रात काफी देर तक यही सोचता रहा के क्या सोचकर यह फैसला किया है अरविंदजी ने लोग तो सिर्फ विधायक बन्ने के लिए लाखों करोड़ों खर्च करते हैं और फिर भी नहीं बन पाते लेकिन अरविन्द जी ने तो विधायकों के मुख्या यानि दिल्ली की राज गद्दी को छोड़ दिया क्या यह पागलपन है ?Saturday, 15 February 2014
मोदी कि चाय की दूकान के ज़रिये प्र्धानमंत्री के रस्ते की (वाल ) है केजरीवाल ?
दोस्तों कल तक मैं भी बहुत हैरान था अरविन्द जी के फैसले से इसी लिए कल ज़ियादा कुछ नहीं लिखा और रात काफी देर तक यही सोचता रहा के क्या सोचकर यह फैसला किया है अरविंदजी ने लोग तो सिर्फ विधायक बन्ने के लिए लाखों करोड़ों खर्च करते हैं और फिर भी नहीं बन पाते लेकिन अरविन्द जी ने तो विधायकों के मुख्या यानि दिल्ली की राज गद्दी को छोड़ दिया क्या यह पागलपन है ?क्या लोकसभा या विधान सभा कि तुलना किसी इबादतगाह से कि जा सकती है ?

अरविन्द केजरीवाल ने जोश मैं आकर बोल दिया के विधान सभा मैं जो कुछ हुआ वोह मस्जिद मैं क़ुरान और और मंदिर मैं गीता के फाड़ने जैसा है, सही है केजरीवाल कि सोच ग़लत नहीं थी लेकिन सबसे सही यही है के दुनियां कि कोई भी किताब ना तो गीता का मुक़ाबला कर सकती है और क़ुरान का तो कोई मुक़ाबला ही नहीं है, और जहाँ तक लोकसभा और विधानसभा कि बात है
केजरीवाल का इस्तीफ़ा (14-02-14) Aziz Burney
Aziz Burney
वाह क्या क़ुर्बानी है? केजरीवाल ने इस्तीफ़ा दे दिया पर खोया क्या? ये तो कांग्रेस की मेहरबानी थी जिसने हिमायत दे कर सरकार बनवाई और चीफ़ मिनिस्टर बनने का मौक़ा दिया। केजरीवाल ने खोया क्या? 28 एमएलए थे 27 एमएलए आज भी हैं। एक जो गया उसे भी केजरीवाल ने निकाला। रही बात सरकार की वो हक़ तो जनता ने केजरीवाल को दिया ही नहीं था। बीजेपी ने 32 एमएलए होने पर भी सरकार नहीं बनाई क्योंकि उसे पार्लियमेंट के
Thursday, 13 February 2014
पहले आपको कटवाएंगे .....!!!!!राहत कैम्पों में भिजवाएंगे
पहले आपको कटवाएंगे .....!!!!!राहत कैम्पों में भिजवाएंगे ...!!!!!फिर आपकी मिळत के ही कुछ ज़मीर फरोशों को मंच पर बिठाएंगे ...!!!!फिर सच्चर कमिटी कि रिपोर्ट ....आतंकवाद निरोधक क़ानून ...दंगा निरोधक क़ानून ....आरक्षण .........इत्यादि का लौली पॉप पकड़ाएंगे और अपना काम बनाएंगे फिर आपकी लाशें गिरती रहीं हैं गिरती रहेंगी ......!!!!देश का मुसलमान पिछले छियासठ सालों से कुछ मुट्ठी भर """"पेशेवर उलेमा ए दीन """ का
मुस्लिम नेता मगर है कहां ?
Wasim Akram Tyagi
जब किसी खालिद मुजाहिद का कत्ल होता है, किसी मुजफ्फरनगर, किसी गुजरात, किसी धूले में सांप्रदायिक दंगा होता है, जब मुस्लिम आरक्षण की बात आती है, तो बार बार सवाल उठता है कि मुस्लिम नेता आखिर कहां हैं ? यह सवाल उस अक्सर उस नौजवान पीढ़ी की ओर से उठाया जाता है जिसे लीडरशिप चाहिये, जिसे अपना नेता चाहिये, यह पीढ़ी दलित आंदोलन में, पर्यावरणवादियों में, मानवअधिकार कार्यकर्ताओं में और सभी तरह के आंदोलनों में
संसद में आज नेताओं को नेताओं ने तड़का लगाया ! मज़ा आया...

संसद में आज नेताओं को नेताओं ने तड़का लगाया ! मज़ा आया देख कर ! और उपेक्षा भी क्या हो सकती है इस मुल्क के राजनेताओं से ?.........मगर आज कहाँ मर गये सविधान के विशेषअज्ञ..? ..कहाँ मर गये कानून की दुहाई देने वाले ? ..यह संसद जनता के पैसों से चलती है ,इस देश के नेताओं की माँ बहन के कमाई से नहीं ...साले हरामजादों पर केस होना चाहिए ,,,मगर इस देश का सडा हुआ सविधान इसकी इजाजत नहीं देता होगा ,,,....
Wednesday, 12 February 2014
Tuesday, 11 February 2014
आर.एस.एस. की विचारधारा ही मुसलमानों के लिए घातक है ?
कोई भी अच्छी या बुरी विचारधारा तहरीक का रूप तभी लेती है जब उस विचारधारा के ऐसे लोग पैदा होने लगें जो अपने आप में ख़ुद तहरीक हों। इस प्रकार के लोग तादाद में तो बेशक कम होते हैं लेकिन उनके काम दूरगामी प्रभाव डालने वाले होते हैं और ऐसे लोगों की ख़ास बात यह होती है कि वह जहाँ भी हों अपने मिशन को नहीं भूलते हैं। भारत के राजनैतिक परिवेश में ऐसे लोगों को आसानी से पहचाना जा सकता है।
आर.एस.एस. ने हिन्दू राष्ट्र के नाम पर हिन्दुओं के ऐसे देश की कल्पना की जिसमें हिन्दुओं के अलावा अगर ग़ैर-हिन्दू रहें तो हिन्दुओं की पूजा पद्धति और उनके रीति रिवाज को भी अपना लें। मुसलमान चूँकि अल्लाह के सिवा किसी को सर नहीं झुका सकते और चूँकि
गोधरा की सच्चाई क्यों दंगे हुए क्यों ट्रेन जली ?
By Rafiq Chuhan
February 9, 2014 at 10:41am
साबरमती एक्सप्रेस का दुखदाई कांड सुबह ७:३० पर गोधरा स्टेशन के एक किलोमीटर दूर हुआ, की सच्चाई मैं आप तक पहुँचाना चाहता हूँ. साबरमती एक्सप्रेस की बोगी नंबर S-6 और दो दूसरी बोगियों में विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) के कार-सेवक यात्रा कर रहे थे. दुखदाई कांड की असल वजह ये कार-सेवक ही थे, जो उन बोगियों में सफ़र कर रहे थे. जो कहानी आप तक पहुंचाई गयी है वह सच्चाई से कोसों दूर हैं, असल कहानी जो कि सच है वह अलग ही है.यह वास्तविकता शुरू होती है
February 9, 2014 at 10:41am
साबरमती एक्सप्रेस का दुखदाई कांड सुबह ७:३० पर गोधरा स्टेशन के एक किलोमीटर दूर हुआ, की सच्चाई मैं आप तक पहुँचाना चाहता हूँ. साबरमती एक्सप्रेस की बोगी नंबर S-6 और दो दूसरी बोगियों में विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) के कार-सेवक यात्रा कर रहे थे. दुखदाई कांड की असल वजह ये कार-सेवक ही थे, जो उन बोगियों में सफ़र कर रहे थे. जो कहानी आप तक पहुंचाई गयी है वह सच्चाई से कोसों दूर हैं, असल कहानी जो कि सच है वह अलग ही है.यह वास्तविकता शुरू होती है
Monday, 10 February 2014
गरीब के नाम पर अमीरों की चांदी ?
गरीब के नाम पर अमीरों की चांदी, आधे बीपीएल परिवार संपन्न
सरकार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों के लिये कई योजनायें बनाती और चलाती है, जिससे बीपीएल परिवारों का जीवन स्तर, रहन सहन ऊंचा उठ सके,लेकिन विडंबना है कि गरीब के नाम की सहायता रहीस लोग हथिया लेते हैं,कई गरीबों को इसकी जरुरत है, मैं काफी दिनों से देख रहा था कि कई बिल्डिंग वालों के पास बीपीएल राशन कार्ड हैं। शासन की योजनाओं का लाभ बीपीएल परिवारों को देने के लिये जैसे ही मैं वार्ड में गया, वैसे ही मेरे टारगेट पर ये रहीस बीपीएल वाले आ गये । कलेक्टर साहब को मैने मौके पर हकीकत से रुबरु करा दिया, इन रहीसों के नाम छांट कर काटने का आदेश मिल गया ।
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गाज़ा में पत्रकार भूख से मर रहे हैं- अल जज़ीरा...?
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आज ओर कल मैं हमारे क्या फ़र्क है जानते हैं आज ? फिल्मी दुनियां की चकाचौंध आ हमारे ऊपर इस कद्र हावी हो चुकी है कि हमारा ग़रीब भाई अपनी मे...



