एस एम फ़रीद भारतीय
विधायक, प्रधान और पंचायत चुनाव जीतने और इनके अगल बगल रहने वाले मुस्लमानों सुन लो, समझ लो, जो अब हासिल की है जीत वो नहीं, असल मैं मुश्किल मंज़िल तो अब शुरू हुई है, ये इम्तिहान मैं दाख़िला मिला है, यहीं से असल इम्तिहान शुरू होगा...?देश की सरकार ने ये पद क्यूं शुरू किये हैं ये पद बिना मुनाफ़े के पद है, ये बड़ी ज़िम्मेदारी से निगरानी रखने वाले पद हैं, सरकार को जब लगा कि देश और राज्य की सरकारें